एक स्पर्श ,
जो नव जीवन दे गया !
ना तुमने कुछ कहा,
हम भी चुप ही रहे !
मन से मन मिल गया
,
यूँ लगा आत्मा परमात्मा,
में विलीन हो गयी !
...राधा श्रोत्रिय"आशा"
जो नव जीवन दे गया !
ना तुमने कुछ कहा,
हम भी चुप ही रहे !
मन से मन मिल गया
,
यूँ लगा आत्मा परमात्मा,
में विलीन हो गयी !
...राधा श्रोत्रिय"आशा"
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