शुक्रवार, 27 जून 2014

***** नसीब *****
किसी किसी को 
बिना कुछ करे सब,
 हासिल है यहाँ!
और एक,
सिर पटक-पटक कर ,
थक जाता है!
उसे दो वक़्त की रोटी,
नसीब नहीं होती!
...राधा श्रोत्रिय​"आशा"

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