सोमवार, 23 जून 2014

सूरज सा तेज

उगते सूरज सा तेज तुम्हारे,
चेहरे पर झिल​-मिलाता है!
हम जब भी तुम्हें देखते हैं,
हमें खुदा नज़र आ जाता है!
...राधा श्रोत्रिय​"आशा"

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