शुक्रवार, 29 अगस्त 2014

बे बजह

***** बे बजह *****
दिल बे बजह तो,
हर किसी पे,
नहीं आता --------
कुछ तो बात है तुममें,
जो हम तुम पे,
मर मिटे हैं-------
...राधा श्रोत्रिय​"आशा"
३०-०८-२०१४

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