शुक्रवार, 31 अक्टूबर 2014

* खलिश ***

******** खलिश *********
इस दिल ने न जाने क्या सुन लिया,
कि साँसों ने तेरा नाम गुन लिया !
न जाने ये कैसी खलिश है तुझमें ,
तुझे पाने का इक बहाना बुन लिया !
...राधा श्रोत्रिय​"आशा"
०१-११-२०१४

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