शनिवार, 18 अक्टूबर 2014

***** नसीब ******

***** नसीब ******
तुम्हें पाकर
 जहाँ की,
हर खुशी पाली,
 हमने!
अब हमें कोई,
 शिकायत,
नहीं रही अपने,
नसीब से-------
...राधा श्रोत्रिय"आशा"

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