***** मन के दर्पण में ********
मन के दर्पण में,
तस्वीर है,
तुम्हारी !
जब भी देखती हूँ,
अपना अक्स,
नज़र आता है------
...राधा श्रोत्रिय"आशा"
मन के दर्पण में,
तस्वीर है,
तुम्हारी !
जब भी देखती हूँ,
अपना अक्स,
नज़र आता है------
...राधा श्रोत्रिय"आशा"
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