सोमवार, 20 अक्टूबर 2014

मन के दर्पण में

***** मन के दर्पण में   ********
मन के दर्पण में,
तस्वीर है,
 तुम्हारी !
जब भी देखती हूँ,
अपना अक्स,
 नज़र आता है------
...राधा श्रोत्रिय​"आशा"

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