********बेटियाँ ****************
दुआओं सी मासूम,ओर फूलों जैसी,
कोमल होती हैं बेटियाँ !
तितली के पंखों सी,नाजुक,
रंगबिरंगी रंगोली सी ,
पवित्र होती हैं बेटियाँ!
शोख,चंचल,परियों जैसी ,
सपनों में रंग भरती हैं बेटियाँ!
खुशियों की फुलवारी सी,
घर आँगन की शोभा,
बढाती हैं बेटियाँ!
सात सुरों की मधुर सरगम,
वेदों की ऋचाओं सी होती हैं बेटियाँ!
...राधा श्रोत्रिय"आशा"
०२-०२-२०१५
दुआओं सी मासूम,ओर फूलों जैसी,
कोमल होती हैं बेटियाँ !
तितली के पंखों सी,नाजुक,
रंगबिरंगी रंगोली सी ,
पवित्र होती हैं बेटियाँ!
शोख,चंचल,परियों जैसी ,
सपनों में रंग भरती हैं बेटियाँ!
खुशियों की फुलवारी सी,
घर आँगन की शोभा,
बढाती हैं बेटियाँ!
सात सुरों की मधुर सरगम,
वेदों की ऋचाओं सी होती हैं बेटियाँ!
...राधा श्रोत्रिय"आशा"
०२-०२-२०१५

बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति :)
जवाब देंहटाएं@संजय भास्कर ji :) bahut bahut shukriya.
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