सोमवार, 24 फ़रवरी 2014

----------आँखें------------

तुमसे कुछ कहें 
उससे पहले
बिना कुछ बोले
सब बोलती
तुम्हारी आँखें
चुप कर देती हैं
हमें
कह भी दो न 
तुम
इनसे कि हमें
यूँ न सतायें
...राधा श्रोत्रिय"आशा"

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