शनिवार, 8 फ़रवरी 2014

----------------"प्रेम -पत्र"-----------------

प्यार का पहला पत्र लिखने मेंकुछ तो वक्त लगेगा हीदिल के कोरे कागज पेअपनी प्रीत की स्याही सेसमझ ही नहीं आया किउनको क्या लिखेंअजनबी लिखें यामनमीत लिखेंपहले प्यार की पहली उड़ाननयी मंजिल राहें अंजानप्यार का पहला पत्र लिखने मेंकुछ तो वक्त लगेगा हीकेसे दिल का हाल लिखेंउनकी चाहत में खुदको ही भूल गयेशब्द होठों पे अटक गयेलाख कोशिश की लफ़्जकागज पे उतरे ही नहींहाथ कँपकपाँ गयेकलम हाथ से छूट गयीउनकी चाहत मैं ऐसे ड़ूबेउबरने में वक्त लगेगा हीप्यार का पहला पत्र लिखने मेंकुछ तो वक्त लगेगा हीदिल भर आयामन के भाव आँखों सेबह निकले और कागज मेंरच -बस गयेहमने भी उठाया बड़े जतन सेउन तक पहूँचा दियाउनको समझने में कुछ तोवक्त लगेगा हीप्यार का पहला पत्र लिखने मेंकुछ तो वक्त लगेगा हीजो हम न कह पायेशायद ये कागज का टुकड़ाकह पायेउनको हमारे दिल का हालसमझने में कुछ तो वक्तलगेगा हीप्यार का पहला पत्र लिखने मेंकुछ तो वक्त लगेगा ही   प्यार का पहला पत्र लिखने मेंकुछ तो वक्त लगेगा हीदिल के कोरे कागज पेअपनी प्रीत की स्याही सेसमझ ही नहीं आया किउनको क्या लिखेंअजनबी लिखें यामनमीत लिखेंपहले प्यार की पहली उड़ाननयी मंजिल राहें अंजानप्यार का पहला पत्र लिखने मेंकुछ तो वक्त लगेगा हीकेसे दिल का हाल लिखेंउनकी चाहत में खुदको ही भूल गयेशब्द होठों पे अटक गयेलाख कोशिश की लफ़्जकागज पे उतरे ही नहींहाथ कँपकपाँ गयेकलम हाथ से छूट गयीउनकी चाहत मैं ऐसे ड़ूबेउबरने में वक्त लगेगा हीप्यार का पहला पत्र लिखने मेंकुछ तो वक्त लगेगा हीदिल भर आयामन के भाव आँखों सेबह निकले और कागज मेंरच -बस गयेहमने भी उठाया बड़े जतन सेउन तक पहूँचा दियाउनको समझने में कुछ तोवक्त लगेगा हीप्यार का पहला पत्र लिखने मेंकुछ तो वक्त लगेगा हीजो हम न कह पायेशायद ये कागज का टुकड़ाकह पायेउनको हमारे दिल का हालसमझने में कुछ तो वक्तलगेगा हीप्यार का पहला पत्र लिखने मेंकुछ तो वक्त लगेगा हीप्यार का पहला पत्र लिखने मेंकुछ तो वक्त लगेगा हीदिल के कोरे कागज पेअपनी प्रीत की स्याही सेसमझ ही नहीं आया किउनको क्या लिखेंअजनबी लिखें यामनमीत लिखेंपहले प्यार की पहली उड़ाननयी मंजिल राहें अंजानप्यार का पहला पत्र लिखने मेंकुछ तो वक्त लगेगा हीकेसे दिल का हाल लिखेंउनकी चाहत में खुदको ही भूल गयेशब्द होठों पे अटक गयेलाख कोशिश की लफ़्जकागज पे उतरे ही नहींहाथ कँपकपाँ गयेकलम हाथ से छूट गयीउनकी चाहत मैं ऐसे ड़ूबेउबरने में वक्त लगेगा हीप्यार का पहला पत्र लिखने मेंकुछ तो वक्त लगेगा हीदिल भर आयामन के भाव आँखों सेबह निकले और कागज मेंरच -बस गयेहमने भी उठाया बड़े जतन सेउन तक पहूँचा दियाउनको समझने में कुछ तोवक्त लगेगा हीप्यार का पहला पत्र लिखने मेंकुछ तो वक्त लगेगा हीजो हम न कह पायेशायद ये कागज का टुकड़ाकह पायेउनको हमारे दिल का हालसमझने में कुछ तो वक्तलगेगा हीप्यार का पहला पत्र लिखने मेंकुछ तो वक्त लगेगा ही.......राधा श्रोत्रिय"आशा"

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