गुरुवार, 6 फ़रवरी 2014

----------भूत की शादी-----------

  1. तेज खिली धूप मैं अचानक बारिश होने लगी मोटी-मोटी बड़ी-बड़ी बूँदें और धूप भी खिली-खिली माँ कमरे से बाहर दौड़ी डर था कपड़े न भीग जायें मैंने माँ से कहा धूप खिली है फिर बारिश क्यूँ हो रही है मुझे आशचर्य हो रहा था देख या तो धूप खिले या बारिश हो मेरी जिज्ञासा देख माँ बोली "भूत की शादी हो रही है" अब जब भी खिली धूप मैं बारिश होती है मुझे माँ की कही बात याद आ जाती है और बहुत खुश होती हूँ मैं सोचकर "भूत की शादी हो रही है" ...राधा श्रोत्रिय"आशा"


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