रविवार, 9 फ़रवरी 2014

----------नजर​----------


आजकल हम खुद से ही 

डरने लगे हैं

 हमारे प्यार को हमारी

नजर न लग जाये

...राधा श्रोत्रिय​"आशा"

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें