एक खूबसूरत सा एहसास है प्यारदौलत से नहीं तौला जाता इसेन ही इसे मापने का पैमाना बना हैपता नहीं कब कैसे बस हो जाता हैसमा जाता है रूह की गहराईयों मेंएक पवित्र पावन सा एहसास है प्यारमंदिर में भगवान की मूरत हो जैसेस्त्री के लिये उसका सतित्व है प्यार पवित्र सुगंध की तरह जो महकाताहै जीवनभगवान कहाँ किसी को मिलता हैपूजा का ही दूसरा रूप है प्यारएक खूबसूरत सा एहसास है प्यार...राधा श्रोत्रिय"आशा"
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