सोमवार, 24 मार्च 2014

***इंतजार***

***इंतजार***
अपने हृृदय की, 
व्याकुलता!!
हम 
तुम्हें कैसे समझायें!!
ऐसे भी 
कोई किसी को,
सताता है!!
बिना देखे तुम्हें,
हम 
रह नहीं सकते!!
और
तुम हो कि,
इंतजार कराना,
ही
तुमको भाता है!!
...राधा श्रोत्रिय"आशा"

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