हमारे संग्रह "आँखे" से आप सबको नजर है.........
जिस तरह समुद्र मैं ,
शीप के भीतर,
मोती रहता है!
उसी तरह प्यार भी ,
आँखों से उतरकर,
दिल मैं रहता है!
एक मीठे और कभी न ,
मिटने वाले ,
एहसास की तरह!
खुदा से माँगी हुई,
दुआओ जैसा!
जीवन की अनमोल ,
दौलत होता है ये!
पर सबके नसीब मैं,
ये दौलत कहाँ!
शिद्दत से माँगी हुई,
दुआओं का,
नजराना होता है!
" प्यार"
इस दुनियाँ मैं खुदा की,
इबादत करने जितना पाक!
होता है!
क्योंकि दोनो मैं समर्पण का,
भाव रहता है!
इसलिये मेरा मानना है,
पहले खुद को जानिये!
खुद को खुद के करीब
तो लाईये,
खुदा खुद आपके करीब
आ जाता है!
उस परमशक्ती को महसूस,
तो किजीये!
जिसकी दिव्य ज्योति आपके,
जीवन मैं प्रकाश फ़ैलाती है!
फ़िर किसी परेशानी और,
दर्द का असर कहाँ!
जब रोशनी का दर ,
आपके पास है!
प्यार मैं खुद को ,
डुबाकर तो देखिये!
खुदा तो खुद आपके पास है!
...राधा श्रोत्रिय"आशा"
जिस तरह समुद्र मैं ,
शीप के भीतर,
मोती रहता है!
उसी तरह प्यार भी ,
आँखों से उतरकर,
दिल मैं रहता है!
एक मीठे और कभी न ,
मिटने वाले ,
एहसास की तरह!
खुदा से माँगी हुई,
दुआओ जैसा!
जीवन की अनमोल ,
दौलत होता है ये!
पर सबके नसीब मैं,
ये दौलत कहाँ!
शिद्दत से माँगी हुई,
दुआओं का,
नजराना होता है!
" प्यार"
इस दुनियाँ मैं खुदा की,
इबादत करने जितना पाक!
होता है!
क्योंकि दोनो मैं समर्पण का,
भाव रहता है!
इसलिये मेरा मानना है,
पहले खुद को जानिये!
खुद को खुद के करीब
तो लाईये,
खुदा खुद आपके करीब
आ जाता है!
उस परमशक्ती को महसूस,
तो किजीये!
जिसकी दिव्य ज्योति आपके,
जीवन मैं प्रकाश फ़ैलाती है!
फ़िर किसी परेशानी और,
दर्द का असर कहाँ!
जब रोशनी का दर ,
आपके पास है!
प्यार मैं खुद को ,
डुबाकर तो देखिये!
खुदा तो खुद आपके पास है!
...राधा श्रोत्रिय"आशा"
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