रविवार, 1 जून 2014

-प्यार(एक एहसास)

-प्यार(एक एहसास)

तेरे प्यार को ही मैंनें,
अपना खुदा बनाया है!
दुनियाँ की हर शै में,
मुझे तू ही नजर आया है!
जब भी दुनियाँ की भीड़ से,
मेरा दिल घबराया है!
अपने ख्यालों मैं,
तेरे एहसास से मैंने ,
अपने दिल को बहलाया है!
...राधा श्रोत्रिय"आशा"

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