रविवार, 1 जून 2014

*एहसास

***एहसास***

१ .किसने देखा है कल को,
किसको खबर है पल की!
जिनको नहीं एहसासों ,
की कीमत!
वो क्या समझेंगे तड़प,
किसी के दिल की .!

२.बहुत आसाँन है,
ऊँगली उठाना किसी पे!
अपने गिरेंबाँ मैं झाँकना,
उतना ही मुशकिल है .!

३.बहुत आसाँन है,
दम भरना मोहब्बत का!
पर करके निभाना,
उतना ही मुशकिल है !.

४.यूँ तो आसाँन नहीं,
होता सफ़र जीवन का!
पर हमसफ़र मनचाहा हो,
तो फ़ूलों भरी ड़गर है .!

५ .जीवन के सफ़र मैं,
मिलते तो हैं,
हमराह अकसर!
पर जो दिल मैं बस जाये,
वही सच्चा हमसफ़र है .

...राधा श्रोत्रिय"आशा"

२-०३-१४

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