बुधवार, 9 जुलाई 2014

***** पाकीज़गी ***** कितनी पाकीज़गी रही होगी, उसकी मोहब्बत मैं खुदा ! हमारा बनकर ही उसने , हमें हम ही से ज़ुदा कर दिया ! ...राधा श्रोत्रिय​"आशा"

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