बुधवार, 16 जुलाई 2014

****** हमसफ़र *******
जब भी  लिखती हूँ कुछ ,
नाम तुम्हारा  रहता है!!
हमसफ़र भीड़ मैं भी ,
ख्याल तुम्हारा रहता है!! 
...राधा श्रोत्रिय​"आशा"

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