शनिवार, 5 जुलाई 2014

किनारा

***** किनारा *****
तुम आये तो हमें,
जीने का ,
इशारा मिल गया!
हमारी डूबती हुई,
कशती को ,
किनारा मिल गया!
भँवर मैं फँसे ,
हुये थे हम!
तुम्हारी बाँहों का
, सहारा मिल गया!
...राधा श्रोत्रिय"आशा"

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