रविवार, 27 जुलाई 2014

*ऐ मेरी कविता

 *****ऐ मेरी कविता ****
ऐ मेरी कविता, हुई रूबरू,
 जब तुमसे पहली बार !
तुम मिली मुझे बनके ,
मेरी माँ का प्यार !
फिर तब,जब धड़की,
तुम मेरे गर्भ मैं,
पहली बार​!
महसूस हुई नन्हीं,
नाजुक,कोमल  ,
अनमोल सी छुअन तुम्हारी,
पहली बार​!
ली मेरी ममता ने अंगड़ाई,
बज उठी मन मैं मेरे,
उमंगों की शहनाई!
जनमी कोख से तुम मेरी,
लिया गोद मैं तुम्हें जब​
पहली बार​!
भर आये आँचल,
भीग उठे जज्बात​,
 उतर आया आँखों मैं,
ममता का सैलाब​,
पहली बार​!
लगा छाती से तुम्हें,
तृप्त हुआ मातृत्व,
पहली बार !
ममता हुई निहाल​,
पाकर तुम्हारा प्यार​,
पहली बार​!
ऐ मेरी कविता, हुई रूबरू,
 जब तुमसे पहली बार !
...राधा श्रोत्रिय​"आशा"
२८-०७-२०१४  

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