सोमवार, 15 सितंबर 2014

शब्दों में अपार क्षमता होती है,किसी से कुछ भी बोलने से पहले हमें अच्छे से विचार कर लेना चाहिये,
क्योंकि एक बार जो मुँह से निकल गया,वो हम वापिस नहीं ले सकते!कभी-कभी अनायास ही मुँह से निकले शब्द सामने वाले व्यक्ति को कितनी चोट पहुँचा सकते है,बोलने वाले को इसका अंदाज़ा भी नहीं होता,कि उसके द्वारा बोली बात का दूसरे के दिल दिमाग पर कितना गहरा असर होता है!
शायद इसलिये भग्वान ने भी जिव्हा को बत्तीस तालों के भीतर कैद रक्खा है!शस्त्र से ज्यादा मारक क्षमता रखते हैं शब्द !इसलिये किसी को कुछ भी बोलने से पहले उस पर विचार अवशय करें...क्रोध में कुछ भी बोलने से बचें,शांत चित्त हो सोचें उसके बाद ही कुछ निर्णय ले!...वहीं प्यार से बोले दो शब्द भी किसी की जिंदगी में खुशियाँ भर जाते हैं.....खाली समय की उपज ये सारी बातें,जो लिखी मुझ पर भी लागू होती हैं..मुफ़्त की राय हैं दोस्तों..
...राधा श्रोत्रिय​"आशा"
१५-०९-२०१४  http://shrotriyaradhablog.blogspot.in/

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