मंगलवार, 14 अक्टूबर 2014

किस बात पर इतना गुरूर है,ऐ-इंसान​,
तेरा पल भी तेरा नहीं,कल का पता नहीं!
...राधा श्रोत्रिय​"आशा"
१४-१०-२०१४

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