सोमवार, 20 अक्टूबर 2014


जब तक  ये साँसें हैं,आँखों का पानी न मरे,
जियो तो ऐसे कि ,बाद मरने के दुनिया याद करे!
...राधा श्रोत्रिय​"आशा"

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