शनिवार, 11 अक्टूबर 2014

प्यार तुम्हारा *

********* प्यार तुम्हारा ********
सुगंधित पुष्प सा प्यार तुम्हारा,
जिस्म में बहता बन अमृत धारा!
देखकरतुम्हें मन हर्षित हो उठता,
खिल उठता मन का मयूर हमारा!
...राधा श्रोत्रिय​"आशा"
११-१०-२०१४

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