मंगलवार, 28 अक्टूबर 2014

** आत्मविशवाश ***

******* आत्मविशवाश *******
बडा कठोर है,पथ जीवन का
देखो तुम न घबराओ  ,
कितनी ही मुशकिल राह में आये,
हिम्मत से तुम आगे बढ़ जाओ !
हौंसला करलो इतना बुलंद  कि,
पर्वत को भी तुम झुकाओ ,
इरादों को  फौलाद बनालो ,
आस्माँ कदमों में ले आओ !
नहीं मुशकिल कुछ उसको,
देखो  इरादे जिसके अटल हों!
"आशा" जग में जीत उसी की होती ,
आत्मविशवाश जिसका  प्रबल हो !
...राधा श्रोत्रिय​"आशा"
२४-१०-२०१४

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