****** निगाहें ********
जब पहली बार ,
उनसे निगाहें मिलीं -------
पता नहीं क्या हुआ !
शरमा कर हमने,
पलकें झुका लीं !
जब हमने पलकें उठाईं,
तो वो एकटक,
हमें ही देखे जा रहे थे!
जब निगाहें ,
निगाहों से मिली !
हम अपना दिल ,
हार गये !
पता नहीं क्या जादू ,
कर दिया था उन्होने ,
हम पर !
पूरी दुनीयाँ हमें तो,
बदली-बदली नजर ,
आने लगी !
फ़िर महसूस हुआ,
बिना उनके ,
प्यार के जिदंगी ,
कितनी अधूरी थी !
जब पहली बार ,
उनसे निगाहें मिलीं---------
...राधा श्रोत्रिय"आशा"
जब पहली बार ,
उनसे निगाहें मिलीं -------
पता नहीं क्या हुआ !
शरमा कर हमने,
पलकें झुका लीं !जब हमने पलकें उठाईं,
तो वो एकटक,
हमें ही देखे जा रहे थे!
जब निगाहें ,
निगाहों से मिली !
हम अपना दिल ,
हार गये !
पता नहीं क्या जादू ,
कर दिया था उन्होने ,
हम पर !
पूरी दुनीयाँ हमें तो,
बदली-बदली नजर ,
आने लगी !
फ़िर महसूस हुआ,
बिना उनके ,
प्यार के जिदंगी ,
कितनी अधूरी थी !
जब पहली बार ,
उनसे निगाहें मिलीं---------
...राधा श्रोत्रिय"आशा"
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