*********** कहाँ हो तुम ************मेरी साँसों की रफ़्तार तेज़ है,
धडकने मंद पड रही है ,
रूह बैचेन है!
कहाँ हो तुम -------कहाँ हो
तुम जो मेरे मनमीत हो,
धडकनों में बसी,
साँसों की प्रीत हो!
कहाँ हो तुम------कहाँ हो
अधरों पे सजा ,
मेरे जीवन का,
मधुर गीत हो!
हवाओं में बिखरा प्रकृति का,
सुमधुर संगीत हो,
मेरे जीने की आस हो!
कहाँ हो तुम------कहाँ हो
मेरी साँसों की रफ़्तार तेज़ है,
धडकने मंद पड रही है !
...राधा श्रोत्रिय"आशा"
२८-११-२०१४
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