शुक्रवार, 28 नवंबर 2014

*** कहाँ हो तुम ************

*********** कहाँ हो तुम ************
मेरी साँसों की रफ़्तार तेज़ है,
धडकने मंद पड रही है ,
 रूह बैचेन  है!
कहाँ हो तुम -------कहाँ हो
तुम जो मेरे मनमीत हो,
धडकनों में बसी,
 साँसों की प्रीत हो!
कहाँ हो तुम------कहाँ हो
अधरों पे  सजा ,
मेरे जीवन का,
 मधुर गीत हो!
हवाओं में बिखरा प्रकृति का,
सुमधुर संगीत हो,
मेरे जीने की आस हो!
कहाँ हो तुम------कहाँ हो
मेरी साँसों की रफ़्तार तेज़ है,
धडकने मंद पड रही है !
...राधा श्रोत्रिय"आशा"
२८-११-२०१४

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