********** अदा **************
देखा जो रूप अप्रतिम मनोहर,
यूँ लगा चाँद उतरा हो धरा पर !
आँखों में उठता प्यार का सागर,
मिट गये हम उनकी इस अदा पर!
...राधा श्रोत्रिय"आशा"
०८-११-२०१४
देखा जो रूप अप्रतिम मनोहर,
यूँ लगा चाँद उतरा हो धरा पर !
आँखों में उठता प्यार का सागर,
मिट गये हम उनकी इस अदा पर!
...राधा श्रोत्रिय"आशा"
०८-११-२०१४
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