शुक्रवार, 5 दिसंबर 2014

ऊषा सुंदरी का देखकर, अदभुत मनोहर रूप ,
खिल उठा मन मयूर​,गुन -गुनी हो गयी धूप ​
...राधा श्रोत्रिय​"आशा"
०४-१२-२०१४

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