**********जिंदगी के रंग ************
पल-पल में जिंदगी के रंग, बदलते चले गये,
गैर तो गैर अपने भी बदलते चले गये !
पल-पल में जिंदगी के रंग, बदलते चले गये,
गैर तो गैर अपने भी बदलते चले गये !
जिंदगी मान जिनको, बेफ़िक्र हम हो गये,
वक्त पडा तो वही, किनारा कर चले गये !
वक्त पडा तो वही, किनारा कर चले गये !
अपना कहें किसे अब, कोन सुनेगा दर्दे-दिल,
दिल जिसपे लुटाया,वही जख्मी कर चले गये!
हुनरमंद तो थे, आसाँन भी था,रफू कर लेते,
दिल जिसपे लुटाया,वही जख्मी कर चले गये!
हुनरमंद तो थे, आसाँन भी था,रफू कर लेते,
हाथों को बेदर्दी से वो,लहु - लुहान कर चले गये!
मोहब्बत की निशानी समझ, पहना था जिसे ,
न पता था, वो हमे, नासूर दे, चले गये!
रोता है दिल ,कोई इस तरह ,किसी को न छले,
न पता था, वो हमे, नासूर दे, चले गये!
रोता है दिल ,कोई इस तरह ,किसी को न छले,
खुदा जिसको, माना वो,ठुकराकर,चले गये !
ये,दुनियाँ बेमुरब्बत है "आशा"किस पर यकींन करे,
बदलते मोसम की तरह वो, रंग बदलकर चले गये !
अच्छा हुआ,जो भरम था वो,जल्दी ही टूट गया ,
जिंदगी के रंग ,वो सारे, लूट कर चले गये !
पल-पल में जिंदगी के रंग, बदलते चले गये,
गैर तो गैर अपने भी बदलते चले गये !
...राधा श्रोत्रिय"आशा"
०४-१२-२०१४
ये,दुनियाँ बेमुरब्बत है "आशा"किस पर यकींन करे,
बदलते मोसम की तरह वो, रंग बदलकर चले गये !
अच्छा हुआ,जो भरम था वो,जल्दी ही टूट गया ,
जिंदगी के रंग ,वो सारे, लूट कर चले गये !
पल-पल में जिंदगी के रंग, बदलते चले गये,
गैर तो गैर अपने भी बदलते चले गये !
...राधा श्रोत्रिय"आशा"
०४-१२-२०१४
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