गुरुवार, 29 जनवरी 2015

एहसास

वक्त की आँच में,झुलस गया दिल लेकिन,
तेरे एहसास की ओस ,मेरे लवों पर बाकी है!
...राधा श्रोत्रिय​"आशा"
२८-०१-२०१५

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