शनिवार, 15 मार्च 2014

होली के रंगों मैं रंगने के बाद लगता है...
कि प्यार और विशवाश के ये रंग युँ ही..
ताउम्र चढ़े रहें !इनमें कोई मिलावट न हो...
एक दिन के लिये ही सही सारे गिले-शिकवे...
भुला.....झूठी दिखावे की दुनियाँ से दूर हो..
ऊँच -नीच,भेद -भाव सब भूल बच्चे, बूढ़े ,जवान ,
सब होली के रंगों मैं सरावोर हो जाते हैं ! 
काश कि सभी मन से भी, इन्हीं,प्यारे रंगों मैं...
युँहीं रंगे रहें ! !!! HAPPY HOLI !!!  
... राधा श्रोत्रिय"आशा"

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