१ .किसने देखा है कल को
किसको खबर है पल की
जिनको नहीं एहसासों
की कीमत
वो क्या समझेंगे तड़प
किसी के दिल की .
२.बहुत आसाँन है
ऊँगली उठाना किसी पे
अपने गिरेंबाँ मैं झाँकना
उतना ही मुशकिल है .
३.बहुत आसाँन है
दम भरना मोहब्बत का
पर करके निभाना
उतना ही मुशकिल है .
४.यूँ तो आसाँन नहीं
होता सफ़र जीवन का
पर हमसफ़र मनचाहा हो
तो फ़ूलों भरी ड़गर है .
५ .जीवन के सफ़र मैं
मिलते तो हैं
हमराह अकसर
पर जो दिल मैं बस जाये
वही सच्चा हमसफ़र है .
...राधा श्रोत्रिय"आशा"
२-०३-१४
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