दिल से दिल को मिलाना,
आज होली है!
अमीरी -गरीबी का भेद,
मिटाना,
आज होली है!
भूल के बंधन, जाति-पाति का,
प्यार के रंग मैं,सब रंगजाना,
आज होली है!
पकवान मिठाई ,खूब बनाना,
बूढ़े भी बच्चे बन जाना,
आज होली है!
गुझिंयाँ मैं रंग भर, इंसानियत का,
दुश्मन को भी गले लगाना,
आज होली है!
भूल जीवन के हर दुख -दर्द को
हर बहिन बेटी की लाज बचाना
आज होली है!
"आशा"जिनके घर न जले हों चूल्हे,
उन बच्चों की भी भूख मिटाना,
आज होली है!
अपनत्व प्यार और खुशियों का,
गुलाल ,उनके चेहरों पर लगाना,
आज होली है!
...राधा श्रोत्रिय"आशा"
५-०३-२०१४
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