मंगलवार, 4 मार्च 2014

***दुआ***


हमने जब भी दुआ के,

लिये हाथों को उठाया!

हमारे लबों पर सिर्फ़,

तुम्हारा ही नाम आया!

...राधा श्रोत्रिय"आशा"

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