***** प्रेम *****
मेरा तो हर दिन ,
तुमसे शुरू होता है...
हर सुबह जब ,
तुम्हारा चेहरा देखती हूँ
तुम्हारे चेहरे से टपकता,
निशचल प्रेम मुझे,
भव -विभोर कर
देता है!
प्रेम की अधिकता भी,
आँखों मैं अश्रु ले ,
आती है!
उसी अश्रु-जल से मैं,
अपने मन के देवता को
अर्ध्य चढ़ाती हूँ!
मेरे जीवन का,
उजियारा मेरे सूरज
तुम ही हो!
मेरा तो हर दिन ,
तुमसे शुरू होता है...
...राधा श्रोत्रिय"आशा"
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