******* लम्हा *******
तुमने हमसे मूँह क्या मोड़ा,
लगता है सारी कायनात,
हमसे रूठ गई!!
वक्त का हर लम्हा साथ गुजारे,
पलों का हिसाब माँगा ,
करता है!!
...राधा श्रोत्रिय"आशा"
तुमने हमसे मूँह क्या मोड़ा,
लगता है सारी कायनात,
हमसे रूठ गई!!
वक्त का हर लम्हा साथ गुजारे,
पलों का हिसाब माँगा ,
करता है!!
...राधा श्रोत्रिय"आशा"
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें