********* आँखे (इज़हारे इश्क )********
जो बात हम लफ़्ज़ों में बयाँ नहीं कर पाते ,
वो हाले दिल आँखे बखूबी कह जाती है!
आँखे (इज़हारे इश्क ) एक कोशिश है ...
जिसमें दिल के भावों को उतारने की,
एक कोशिश है..आँखें,प्यार ,इशक,
मोहब्बत ,चाहत पर बहुत कविताये लिखी,
ये कुछ अलग अंदाज़ मैं लिखने की कोशिश है!
"आशा"उम्मीद करती है कि आप लोगो को ये,
पसंद आये...मेरे पेज़ Asha A light of Hope..मैं पढ़े...आज आप सबके,
लिये प्रस्तुत हैं..
१) ये तेरे हाथों की छुअन का असर है,
या तेरे इश्क का जादू!
कुछ समझ नहीं आता,
में हो जाती हूँ बेकाबू!
प्यार भरे इन पलों को,
लफ़्ज़ों मैं ढ़ाल सकूँ!
ये तो मेरे बस मैं नहीं,
काश की तुम मेरी,
आँखों को पढ़ना सीख पाते!
...राधा श्रोत्रिय"आशा"
२०-०८-२०१४
जो बात हम लफ़्ज़ों में बयाँ नहीं कर पाते ,
वो हाले दिल आँखे बखूबी कह जाती है!
आँखे (इज़हारे इश्क ) एक कोशिश है ...
जिसमें दिल के भावों को उतारने की,
एक कोशिश है..आँखें,प्यार ,इशक,
मोहब्बत ,चाहत पर बहुत कविताये लिखी,
ये कुछ अलग अंदाज़ मैं लिखने की कोशिश है!
"आशा"उम्मीद करती है कि आप लोगो को ये,
पसंद आये...मेरे पेज़ Asha A light of Hope..मैं पढ़े...आज आप सबके,
लिये प्रस्तुत हैं..
१) ये तेरे हाथों की छुअन का असर है,
या तेरे इश्क का जादू!
कुछ समझ नहीं आता,
में हो जाती हूँ बेकाबू!
प्यार भरे इन पलों को,
लफ़्ज़ों मैं ढ़ाल सकूँ!
ये तो मेरे बस मैं नहीं,
काश की तुम मेरी,
आँखों को पढ़ना सीख पाते!
...राधा श्रोत्रिय"आशा"
२०-०८-२०१४
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