*****.कच्चे - धागे *******
लफ़्ज़ों में ये न ढल पाये,
रिशता है ये अनमोल!
भाई-बहिन के प्यार मैं,
बसता है रब का नूर !
...राधा श्रोत्रिय"आशा"
१०-०८-२०१४
लफ़्ज़ों में ये न ढल पाये,
रिशता है ये अनमोल!
भाई-बहिन के प्यार मैं,
बसता है रब का नूर !
...राधा श्रोत्रिय"आशा"
१०-०८-२०१४
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