**** मेरे खुदा ******
वक्त की किताब के,
किस पन्ने में,
क्या दर्ज़ है!
हम नहीं जानते हैं, मगर,
यकींन खुद पर भी,
कुछ कम नहीं है!
जानते हैं कि,
वक्त के हाथों की,
हम सब, कठपुतली हैं !
जैसा चाहे नचाता है ,
वो सबको !
अच्छे-अच्छे उसके आगे,
पानी भरते हैं!
राजा हो या रंक
पर एक विशवाश तू है,
"मेरे खुदा"
यकींन है,
तेरी रहनुमाई पर!
किसी को भी वक्त के हाथों,
इतना मज़बूर मत करना,
कि तेरी बंदगी में,
हाथ उठाना ही छोड दे!
इन्साँन के जीवन में कभी-कभी इस तरह की परिस्थितियाँ उतपन्न हो जाती हैं,कि उसका आत्म बल पूरी तरह टूट जाता है,उसके किये सारे प्रयास जब विफल होने लगते हैं,लोग नाकामयाबी का ठीकरा उसके माथे फ़ोडने लगते हैं!पूर्व में किये उसके कार्य उसकी सफ़लता उन्हें याद नहीं रहती!उस वक्त वो व्यक्ती निराशा के घोर अंधकार में चला जाता है! कभी न कभी इस तरह का समय अधिकाँश लोगो के जीवन में आता है!समय ओर अपनो से सताये व्यक्ति का खुद पर से तो यकींन उठ ही जाता है,पर इश्वर से भी सवाल करता है..इन पन्क्तियों में खुदा से यही इल्तज़ा है कि तू है."मेरे-खुदा"
तेरे बन्दों का तुझ पर से यकींन कभी न उठे!
सब पर तेरी रहमत हो...
...राधा श्रोत्रिय "आशा"
०७-०१-२०१५
वक्त की किताब के,
किस पन्ने में,
क्या दर्ज़ है!
हम नहीं जानते हैं, मगर,
यकींन खुद पर भी,
कुछ कम नहीं है!
जानते हैं कि,
वक्त के हाथों की,
हम सब, कठपुतली हैं !
जैसा चाहे नचाता है ,
वो सबको !
अच्छे-अच्छे उसके आगे,
पानी भरते हैं!
राजा हो या रंक
पर एक विशवाश तू है,
"मेरे खुदा"
यकींन है,
तेरी रहनुमाई पर!
किसी को भी वक्त के हाथों,
इतना मज़बूर मत करना,
कि तेरी बंदगी में,
हाथ उठाना ही छोड दे!
इन्साँन के जीवन में कभी-कभी इस तरह की परिस्थितियाँ उतपन्न हो जाती हैं,कि उसका आत्म बल पूरी तरह टूट जाता है,उसके किये सारे प्रयास जब विफल होने लगते हैं,लोग नाकामयाबी का ठीकरा उसके माथे फ़ोडने लगते हैं!पूर्व में किये उसके कार्य उसकी सफ़लता उन्हें याद नहीं रहती!उस वक्त वो व्यक्ती निराशा के घोर अंधकार में चला जाता है! कभी न कभी इस तरह का समय अधिकाँश लोगो के जीवन में आता है!समय ओर अपनो से सताये व्यक्ति का खुद पर से तो यकींन उठ ही जाता है,पर इश्वर से भी सवाल करता है..इन पन्क्तियों में खुदा से यही इल्तज़ा है कि तू है."मेरे-खुदा"
तेरे बन्दों का तुझ पर से यकींन कभी न उठे!
सब पर तेरी रहमत हो...
...राधा श्रोत्रिय "आशा"
०७-०१-२०१५
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