शुक्रवार, 23 जनवरी 2015

* एक सवाल ****

****** एक सवाल *****
जिंदगी क्या है तू ,
एक सवाल ?
पहेली,या कविता है!
कितना  ही कुछ ,
तुझमें समाया  है!
तुझे जानने की,
कोशिश जितनी भी,
  की है!
 उतना ही खुद को,
 उलझा हुआ,
 पाया है !
...राधा श्रोत्रिय​"आशा"
२३-०१-२०१५

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