सोमवार, 26 जनवरी 2015

***प्यार की डगर

******प्यार की डगर *********
दिल का नगर,
मुश्किल सफ़र​!
राह कठिन ,
अंजान डगर !
चल पडे हम​,
प्यार की डगर!
प्यार नहीं ,कोई खेल है,
न शब्दों का मेल है!
"आशा"मिल जाता, खुदा वहाँ,
जहाँ रूह से रूह का मेल है!
...राधा श्रोत्रिय​"आशा"
२६-०१-२०१५

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